कभी अन्न -अनाज वाले महकमे के मुखिया रहे नलिन सोरेन अब अन्न त्याग कर झारखण्ड के नए अन्ना बनने के जुगाड़ में जुट गए हैं....अब भई ऐलान से गुरूजी बाप-बेटे परेशान हैं....भला ऐसी भी क्या अन्नागिरी कि अपनी ही पार्टी वाली सरकार के खिलाफ तीर धनुष थाम लिए...अरे भई गुरूजी आपको इसलिए थोड़े ही तीर-कमान दिए थे कि आप उन्हीं पर तान दें....बताईए अभी तक तो गुरूजी जमशेदपुर में कटी नाक की सर्जरी के लिए ओपरेशन थियेटर जाने को ही थे की आप ये ऐलान कर उनके एक नया सिरदर्द दे दिए न...खैर अच्छा ही हुआ कि बैठक से पहले ही आप ये भी बता दिए कि २८ तारीख से आप नाली में पानी ठीक से बह सके इस नेक मकसद के लिए दाना-पानी छोड़ने वाले हैं...बैठक में लगे हाथ आपको जूस पिला कर अनशन तोडना है कि बलजोरी मामला निपटाना है इस पर मंथन हो जाएगा...मगर नलिन जी अगर सरकार मनाने के फेर में पड़ी और नाली पर ठीक से पानी बहने का कमोबेश ऐलान कर दे तो आप अपने इलाके में अन्ना बन जायेंगे......यानी ALL IS WELL लेकिन सरकार न मानी तो क्या भूख से बिल्बिलायेगा का...अ तब क्या कीजियेगा अगर सरकार बाबा रामदेव जैसी कार्रवाई कर देगी....तब तो आप नायक के बजाय खलनायक बन जायेंगे न...तब तो न नाली-सड़क सड़क बनेगी और पार्टी के कोपभाजन बन जायेंगे सो अलग...यानी कहानी चौबे...छब्बे...दूबे की हो जाएगी.... नलिन बाबू ले-दे कर तो आप दूसरी बार विधायक बने हैं उसमे ऐसा अंदाज़ ...जो दो कदम चले नहीं वो रफ़्तार की बातें करते हैं...खैर अन्न छोड़ अन्ना बनने के इस अभियान के लिए हमारी शुभकामनाएं ............
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